स्वागत है 2022
लो भाई आ गए नये साल में!! उम्मीद करते हैं ये साल सफलता,स्वस्थता और समृद्धि देकर जाए।ऐसी ही कामना तो पिछले साल जनवरी महीने में भी किया था।पर मिला क्या? आप सब जानते हैं।बीता हुआ साल सुखद यादें कम, दुखद स्मृतियां ज्यादा देकर गया है।कोरोना की दूसरी लहर ने देश को झकझोर कर रख दिया। जिस बीमारी पर हम जोक्स बनाये उस बीमारी ने जब मार्च अप्रैल के महीने में अपना रौद्र रूप दिखाया तो हाहाकार मच गया।शमशान मुर्दों से भर गया।कितने ही लोग अपनों का अंतिम दरसन तक ना कर सके। जिस सांस को ईश्वर ने सबको मुफ्त में दिया है उसको लाखों रूपये में खरीदकर जीवन बचाने की जद्दोजहद करनी पडी। भगवान फिर कभी ऐसे दिन ना दिखाए। हमारे कितने ही अपनों को हमने पिछले साल खो दिया।कितने ही बच्चों के सर से मां बाप का साया उठ गया।पिछले साल के नाम पर कड़वी यादें ही शेष रह गई है।हालांकि कोरोनाकाल के उस कठिन घड़ी में लोग जात धरम भूलकर सिर्फ इंसान थे, ये महत्वपूर्ण बात है। सरकारी तंत्र ने हरसंभव प्रयास लोगों का जीवन बचाने के लिए किया।जिस चरमराती स्वास्थ्य सेवा के लिए हम लोग शासन को कोसते हैं, उसी ने आम आदमी के प्राणों की रक्षा किय...