रामायण और भातृत्व
अभी देश में हालात काफी मुश्किल भरा है।चीन से आई महामारी ने देश दुनिया की कमर तोड़ कर रख दी है। इस वैश्विक महामारी के रोकथाम के लिए संपूर्ण देश में लाकडाऊन लागू है। सभी लोग घर में रहने के लिए बाध्य है और चिकित्सा आपात के इस कठिन दौर में ये उचित भी है।इस अवस्था में लोग घर में बैठकर बोरियत महसूस ना करें इसलिए दूरदर्शन द्वारा पुराने पौराणिक धारावाहिकों का पुनर्प्रसारण किया जा रहा है जिसमें रामायण धारावाहिक भी शामिल है।एक समय में इस धारावाहिक ने लोकप्रियता की बुलंदी को छुआ था और सालों बाद इसके पुनर्प्रसारण ने भी टीआरपी में दूरदर्शन को बुलंदियों पर पहुंचा दिया है।खैर,हम बात रामायण की कर रहे हैं और मैं इस पौराणिक गाथा में वर्णित भातृप्रेम पर कुछ विचार रखना चाहता हूं। रामायण में जीवन के सभी पक्षों को सुंदरता के साथ अभिव्यक्त किया गया है। रिश्ते-नाते,मर्यादा,कर्तव्य और जीवन में आनेवाली कठिनाई तथा उसके समाधान के अथक प्रयास का बड़ी ही सुंदरतम चित्रण देखने को मिलता है इस महागाथा में।वैसे रामायण ही भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को समझने का मूल माध्यम है लेकिन गोस्वामी तुलसीद...