मधुशाला
आज एक बोर्ड लिखने के सिलसिले में एक अति व्यस्ततम मार्ग वाले रोड में जाना हुआ। उस रोड में एक नया भोजनालय खुला था उसका नाम वगैरह लिखना था। पहुंचकर मैंने अपना रंगों का पिटारा खोला और अपने काम में रम गया।कुछ देर बाद एक सज्जन आए और पूछा-आज मंदिर बंद है क्या? मैंने उसका मंतव्य समझकर हां में सर हिलाया।यही प्रश्न तीन घंटों के दरम्यान चार पांच लोगों ने पूछा और मैं सहमति में सर हिलाता रहा। दरअसल आज लोग जिस मंदिर के बारे में पूछ रहे थे वो कोई पूजास्थल नहीं बल्कि शराब दुकान था। आम बोलचाल की भाषा में हमारी तरफ मदिरालय को सम्मान स्वरूप मंदिर कहा जाता है।वैसे इसके अनेक नाम हैं जैसे-दारूभट्ठी, शराबखाना,ठेका और साहित्यिक नाम मधुशाला।आज मोहर्रम के कारण दारू भट्ठी बंद थी और भक्तजन भटक रहे थे।कुछ बंदे तो अन्य वैकल्पिक माध्यमों का पता भी पूछ रहे थे पर मैं इस मामले में निरा गंवार हूं तो उन लोगों को मैंने निराश करने वाला जवाब दिया और वे चले गए। हमारा छत्तीसगढ़ राज्य धन-धान्य और प्राकृतिक संपदा से संपन्न राज्य है और हम छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया!!अपनी सरलता को हम कभी कभी और कहीं कहीं घमंड के स...