माता चंपई दर्शन
सुरंग मार्ग बेंदरा कछेरी पहाड़ी से दृश्य जंगली वनस्पति का सौंदर्य माता चंपई और खल्लारी छत्तीसगढ़ का कोना-कोना प्राकृतिक सौंदर्य से भरा पड़ा है।पग-पग पर कहानियां बिखरी पड़ी है।हम चाहे कितने भी आगे बढ़ जायें पर अतीत से हमारा नाता कभी नहीं टूट सकता।हर नई कहानी में पिछली कहानी का हिस्सा जरुर जुड़ा होता है। कभी-कभी अनायास ही कहीं जाने का कार्यक्रम बन जाता है और वहां मेरे मतलब की चीजें मिल जाए तो फिर क्या कहने? घरेलू काम से आज जिला मुख्यालय महासमुंद से लगभग 14 किमी दूर स्थित मोंहदी ग्राम आने का कार्यक्रम बना तो माता चंपई के दर्शन लाभ का भी मौका मिला। उंची पहाड़ी पर स्थित सुरंग में माता चंपई अपनी बहन माता खल्लारी के संग विराजमान हैं।सुरंग पूर्णतः प्राकृतिक है।सिर्फ चलने के लिए नीचे की ऊबड़-खाबड़ पथरीली जमीन पर सीमेंट का कार्य कराया गया है। चढ़ाई दुर्गम नहीं है।सुरंग तक पहुंचने के लिए पत्थर और सीमेंट से निर्मित पक्की सीढ़ी का निर्माण किया जा चुका है। आस-पास के चार गांव मोंहदी,तरपोंगी,अरंड और बेलर गांव के ग्रामीणों की माता चंपई पर अगाध श्रद्धा है।माता के नवरात्र पर्व पर कार्यक्रमों का संच...