पुरी धाम की ओर
जय जगन्नाथ!!! कल विश्व पर्यटन दिवस था।ये पोस्ट मैं कल ही डालने वाला था लेकिन कुछ कारण से नहीं हो पाया। पर्यटन का मतलब होता है घूमना।नये नये जगहों की सैर।ये स्थान धार्मिक स्थल भी हो सकते हैं या प्राकृतिक या कृत्रिम भी। कुछ लोग कुदरत की बनाई चीजें देखकर आनंदित होते हैं तो कुछ लोग मानव निर्मित कलाकृति देखकर खुश हो जाते हैं।वैसे मैं स्वभाव से ज्यादा घुमक्कड़ नहीं हूं। ज्यादातर घर में रहकर ही समय गुजारता हूं। मेरे जैसे प्राणियों के लिए छत्तीसगढ़ी में एक शब्द है घरखुसरा।बस वही समझिए। मेरी हार्दिक इच्छा थी कि भगवान जगन्नाथ स्वामी के दर्शन से ही घुमक्कड़ी की शुरुआत करुं।लेकिन ये संभव नहीं हो पाया। परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी की ये संभव नहीं हो पाया।साल 2022-2023 मेरे जीवन में कड़वी यादों का साक्षी बना।मन व्यथित और दुखी था। कड़वी यादों से इतर मन बहलाने के लिए और मानसिक शांति की चाह में मैं भगवान जगन्नाथ के शरण में जाने के लिए आतुर था।यात्रा के लिए परिचितों से चर्चा किया तो संयोग से मुझे 5 साथियों का सहयोग भी पुरी यात्रा के लिए मिल गया।सड़क मार्ग से नीजी वाहन पर जाने का प्लान बना। जितने लोग जा...