संदेश

जनवरी 3, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

छत्तीसगढ़ में मितानी परंपरा

चित्र
मित्रता का सभी मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है।किसी व्यक्ति के मित्रों के व्यक्तित्व से ही संबंधित व्यक्ति के व्यक्तित्व का अंदाजा सहज रूप से लगाया जा सकता है।सरल शब्दों में कहा जाये तो दो मित्र एक दूसरे का प्रतिबिंब होते हैं।ये एक ऐसा नाता होता है जिनमें रक्त संबंध नहीं होता पर ये उससे बढ़कर होता है। हमारे पौराणिक ग्रंथों में भी राम-सुग्रीव,राम-विभिषण, कृष्ण-सुदामा,कृष्ण-अर्जुन,दुर्योधन-कर्ण जैसे मित्रों का वर्णन मिलता है।मुंशी प्रेमचंद के साहित्य में भी मित्रता ने स्थान पाया है।चाहे वह इंसान से इंसान की मित्रता हो जानवर की। छत्तीसगढ़ में भी मित्रता के नाते को महत्त्वपूर्ण स्थान दिया गया है।हमारे यहां मितान बदने की परंपरा है।मतलब किसी धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुओं का साक्षी रखकर जीवन भर के लिए मित्र (मितान/मितानिन)बनाया जाता है।मितान बदने वाले दो परिवार जीवनपर्यंत इस संबंध का निर्वहन करते हैं।महापरसाद, गंगाजल,गंगाबारू,गजामूंग,भोजली,जंवारा,तुलसीदल,रैनी,दौनापान,गोबरधन आदि मितान बदने के संबोधन है।मितान बदने के बाद मितान/मितानिन का नाम नहीं लिया जाता बल्कि उसे उपरोक्त संबोधन ...

उम्मीदें 2021

चित्र
  त्रासदी भरा साल 2020 अपनी दुखद स्मृतियों के साथ विदा हुआ और साल 2021 ने दस्तक दे दी है।उम्मीद करते हैं कि नया साल सबके लिए मंगलकारी होगा।वैसे हर नये साल के मंगलकारी होने की कामना तो हम हर बदलते कैलेंडर के साथ करते हैं,पर साल का अच्छा या बुरा होना हमारे बस में नहीं होता।अपना सोचा कब होता है?वो जब सोचे तब होता है। वो मतलब ऊपर नीली छतरी वाला मालिक।सबका सृजनकर्ता, पालनहार,जगतनियंता ईश्वर। इंसान को ऊपरवाले ने ही बनाया है लेकिन नश्वर धन-दौलत और संपत्ति के मोह में फंसा माटी का पुतला जब कुदरत को ललकारने का दुस्साहस करता है तब उसका हश्र बहुत बुरा होता है। वैसे पिछले साल की महामारी ने अब तक पीछा नहीं छोड़ा है। वैज्ञानिकों की मानें तो कोरोना नाम का दैत्य अब अपडेटेड होकर अधिक घातक होकर लोगों की जान लेने पर आमादा है। भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश में अल्प सुविधाओं के बावजूद कोरोना जैसी महामारी का नियंत्रण काबिले तारीफ है।इसके लिए भारत की सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की पीठ थपथपाई जा सकती है।जिस देश में कभी पीपीई किट नहीं बनती थी,वो देश अपने दृढ़ संकल्प से पीपीई किट के उत्पादन में विश्...

अलविदा 2020

चित्र
अंततः साल 2020 का सफर खत्म हुआ..! गजब का साल रहा बीता साल!!जिसने गजब ढाया था।ये ऐसा साल साबित हुआ जिसके समापन के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आखिर हो भी क्यों ना? ज्यादातर लोगों के लिए साल 2020 मुसीबतें लेकर ही आया था।ये साल इतिहास में कोरोना महामारी के कारण सदा सदा के लिए ऐतिहासिक हो गया।इस साल की कड़वी यादें लोगों के जेहन में हमेशा रहेगी। चीन में जन्मी कोरोना नाम की महामारी ने साल 2020 में पूरी ‌दुनिया को नचा दिया।इटली और अमेरिका जैसे देशों को नाकों चने चबाने मजबूर कर दिया।सभी छोटे बड़े देशों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई। भारत में मार्च महीने में स्कूलों को बंद कर दिया गया और लाकडाऊन का एक लंबा दौर चला।बेबस मजदूरों को घर वापसी के लिए संघर्ष करना पड़ा।कई लोगों की जान घर वापसी की जद्दोजहद में चली गई।कोरोना की दहशत ने लोगों के सामाजिक जीवन को तहस-नहस कर दिया।सामूहिक आयोजन रद्द करने पड़े।इस कोरोना ने ये साबित कर दिया कि आप चाहे कितने ही प्लान बनाकर रख लो कुदरत उसको पलभर में मटियामेट कर सकती है।इस कोरोना ने लोगों को जीने का ढंग भी सिखाया। लाकडाऊन के दौरान लोगों ने न्यूनतम आवश्य...