ब्रम्हचारिणी स्वरूपा मां जटियाई
जैसा कि मैंने पिछले पोस्ट में बताया था कि मां जटियाई की महिमा के बारे में कुछ भी जानकारी प्राप्त होगी साझा करूंगा ।सो जानकारी प्रस्तुत है। माता जगदंबे की महिमा निराली है।वह अपने भक्तों की पीड़ा हरने के लिए अनगिनत रूप में स्थान स्थान पर विराजित हैं। छत्तीसगढ़ अंचल में अनेक ग्राम्य देवी-देवताओं की उपासना की जाती है। मातृशक्ति की उपासक इस धान के कटोरा का एक छोटा सा विकास खंड मुख्यालय है छुरा,जो गरियाबंद जिले में अवस्थित है।छुरा से लगभग 9 किमी की दूरी पर स्थित है जटियातोरा ग्राम।इसी गांव से लगा हुआ जटियाई पहाड़ी जिसमें माता जटियाई विराजमान है।धरातल से लगभग-लगभग 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर माता का मंदिर स्थित है।ऊपर पहाड़ी तक जाने के लिए किसी भी प्रकार की सीढ़ी आदि का निर्माण नहीं हुआ है।कुछ दूरी तक मुरूम का रास्ता है, लेकिन ज्यादा रास्ता पथरीला है। पहाड़ी पर चढ़ाई आसान नहीं है। चट्टानों के बीच टेढ़े-मेढ़े पगडंडियों से होकर पहाड़ी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पडती है। जैसे-जैसे हम ऊपर जाते हैं सांस फूलने लगती है।किसी को सांस संबंधी कोई परेशानी हो तो पहाड़ी पर चढ़ने का प्रयास बिल्कुल ना करे। मह...